1 - यीशु का जन्म

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विवरण

आप कब आख़री बार आश्चर्यचकित हुए थे? आप ने कब किसी इस प्रकार की चीज से मिले जिस से खड़ा होकर अत्यंत विस्मित हो जाए? तब दो चीज़ होती हैं | पहिले आप जो काम कर रहे थे इस को आगे करना रोक देते हैं और बाद में यही जो विस्मादजनक है इस से उल्लासित रहते हैं | उसी रात जब यीशु जन्म लिया आकाश के फ़रिश्ते और पृथ्वी की मानव जाति अपना काम छोड़कर भय में खड़े हो गए | और एक फ़रिश्ते ने इस से कहा: “मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।” | यीशु के बचपन से इस तरह के चमत्कारपूर्ण चिह्न लगाया है क्योंकि इसी यीशु का आगे होने वाला क्रम था, जो एक बड़े आचार्य या आगमवक्ता से कुछ ज्यादा था | यीशु एक ही आदमी था जो पाप रहित जीवन जिया था | वह पूरी तरह आदमी भी था और पूरी तरह भगवान भी | प्रभु यीशु का जन्म राजा के महल में घोषित कर सकता था परन्तु इस ने अपने फ़रिश्तों को अहीरों के पास भेज दिया है | क्यों आप की सूच के अनुसार भगवान ने मरियम जैसी विनयशील नारी और ग्वालों से अपना कार्य शुरू करने के लिए चयन किया? क्या आप इस से आश्चर्यचकित नहीं ?